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बस्ती प्रशासन की नाक के नीचे ‘वसूली’ का खेल, क्या अब रिश्वत तय करेगी न्याय की रफ्तार?

न्यायालय का आदेश 'सलाम', लेकिन लेखपाल साहब का 'हजार का नोट' महान!

अजीत मिश्रा (खोजी)

।। बस्ती: जब ‘न्याय’ की फाइल पर भारी पड़ा लेखपाल का ‘एक हजार’ का लालच।।

शुक्रवार 16 जनवरी 26, उत्तर प्रदेश।

बस्ती।। भ्रष्टाचार किस कदर सरकारी तंत्र की रगों में लहू बनकर दौड़ रहा है, इसकी एक शर्मनाक बानगी सदर तहसील के भैंसा पांडे गांव में देखने को मिली। यहाँ तैनात लेखपाल वीरेंद्र कुमार पांडे ने न केवल प्रशासनिक मर्यादाओं को ताक पर रखा, बल्कि देश की न्यायपालिका के आदेश को भी ‘रिश्वत की तराजू’ में तौल दिया।

⭐न्यायालय का आदेश, लेखपाल का अवरोध

मामला एक गाड़ी की रिलीज से जुड़ा है। पीड़ित व्यक्ति न्यायालय के आदेश की प्रति लेकर अपनी गाड़ी छुड़ाने के लिए जरूरी कागजात पर हस्ताक्षर करवाने लेखपाल के पास पहुंचा था। नियमतः, कोर्ट के आदेश का पालन करना किसी भी लोक सेवक की पहली जिम्मेदारी है। लेकिन लेखपाल वीरेंद्र कुमार पांडे के लिए कोर्ट का आदेश महज एक कागज का टुकड़ा साबित हुआ। आरोप है कि उन्होंने हस्ताक्षर करने के बदले एक हजार रुपये की मांग की और पैसे न मिलने पर काम करने से साफ इनकार कर दिया।

⭐वीडियो ने खोली पोल: सिस्टम या वसूली केंद्र?

इस पूरी घटना का वीडियो वायरल होने के बाद तहसील प्रशासन की जमकर किरकिरी हो रही है। वीडियो में लेखपाल जिस बेबाकी और निर्लज्जता के साथ रुपयों की मांग कर रहे हैं, उससे साफ है कि उन्हें न तो कानून का डर है और न ही उच्चाधिकारियों का खौफ।

ग्रामीणों का आक्रोश: भैंसा पांडे गांव के निवासियों का कहना है कि यह कोई इकलौती घटना नहीं है। लेखपाल पर आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र जैसे बुनियादी कार्यों के लिए भी अवैध वसूली के गंभीर आरोप हैं। ग्रामीण सवाल उठा रहे हैं कि क्या तहसील अब जनसेवा के बजाय वसूली का अड्डा बन चुकी है?

⭐प्रशासनिक चुप्पी पर सवाल

हैरानी की बात यह है कि वीडियो वायरल होने और ग्रामीणों के आक्रोश के बावजूद खबर लिखे जाने तक जिला प्रशासन की ओर से कोई सख्त रुख सामने नहीं आया है। जब एक लेखपाल खुलेआम कोर्ट के आदेश को ठेंगा दिखाकर रिश्वत मांग सकता है, तो आम आदमी की बिसात ही क्या है?

बस्ती जिला प्रशासन को अब यह तय करना होगा कि वह भ्रष्ट कर्मचारियों का संरक्षण करेगा या पीड़ित को न्याय दिलाकर शासन की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति का मान रखेगा।

 

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